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अरे काजल कुमार! क्यो बिचारे शांत और निरुपद्रवी प्राणी को ईन दुष्टो का बाप बनाते हो?
हम तो उन पर हँस भी नहीं सकते !
यह कार्टून तो वाकई सीधा-सादा है!
नेता वोटरों को गधा बनाकर बाप बनाते हैं और फिर उल्लू सीधा करते हैं। कितने पशुप्रेमी हैं नेता।
:)
समय पर पिताजी बना ही लेते हैं.... : )
हँसते हँसते थक गए ...
अब तक सुनते थे ये मुहावरा, आज देख लिया!!
आज तक सुनते आये थे की गरज में गधे को..... आज आपने दिखा दिया बहुत सुधा सादा लेकिन मजेदार .....
धांसू सरजी,,.....उघाड दिया ....
शुक्र है यहाँ गब्बर नहीं था ।
sahi hai ... :)
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच ।लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।--आपकी इस कार्टून की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर की जाएगी!सूचनार्थ!
Ha ha ha!
वक्त वक्त की बात है, बाकी समय तो यही बनाते हैं वोटर को..
इनको वोट का अधिकार मिल गया है! अब क्रांति होगी झकाझक!
हाहा...वोट के लिए ये किसके हाथ ना जोड़ें..:)
यह तो टॆडी-मेडी प्रस्तुति है :)
Congress 'll continue begging for votes...can quite see Muslims braying...lol...
नहीं काजल जी आपका यह कार्टून मतदाता का अपमान कर रहा है। आपको इस पर विचार करना चाहिए।
सही है बिल्कुल..
क्या बात हैं काजल जी ...ऐसे ही सच सामने लाते रहोगे क्या ?
मतदाता का अपमान है इस कार्टून में. विचार कीजिएगा. इसमें संशोधन होना चाहिए.
हमको गधा समझता है ससुरा,बिलकुल वोट नहीं देंगे,कतई वोट नहीं देंगे
गधे को बाप बनाने की कहावत ऐसे चुनावी माहौल को ध्यान में रख कर ही बनायीं गयी होगी.
अरे काजल कुमार! क्यो बिचारे शांत और निरुपद्रवी प्राणी को ईन दुष्टो का बाप बनाते हो?
ReplyDeleteहम तो उन पर हँस भी नहीं सकते !
ReplyDeleteयह कार्टून तो वाकई सीधा-सादा है!
ReplyDeleteनेता वोटरों को गधा बनाकर बाप बनाते हैं और फिर उल्लू सीधा करते हैं। कितने पशुप्रेमी हैं नेता।
ReplyDelete:)
ReplyDeleteसमय पर पिताजी बना ही लेते हैं.... : )
ReplyDeleteहँसते हँसते थक गए ...
ReplyDeleteअब तक सुनते थे ये मुहावरा, आज देख लिया!!
ReplyDeleteआज तक सुनते आये थे की गरज में गधे को..... आज आपने दिखा दिया बहुत सुधा सादा लेकिन मजेदार .....
ReplyDeleteधांसू
ReplyDeleteसरजी,,.....उघाड दिया ....
:)
ReplyDeleteशुक्र है यहाँ गब्बर नहीं था ।
ReplyDeletesahi hai ... :)
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति!
ReplyDeleteघूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच ।
लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
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आपकी इस कार्टून की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर की जाएगी!
सूचनार्थ!
Ha ha ha!
ReplyDeleteवक्त वक्त की बात है, बाकी समय तो यही बनाते हैं वोटर को..
ReplyDeleteइनको वोट का अधिकार मिल गया है! अब क्रांति होगी झकाझक!
ReplyDeleteहाहा...वोट के लिए ये किसके हाथ ना जोड़ें..:)
ReplyDeleteयह तो टॆडी-मेडी प्रस्तुति है :)
ReplyDeleteCongress 'll continue begging for votes...can quite see Muslims braying...lol...
ReplyDeleteनहीं काजल जी आपका यह कार्टून मतदाता का अपमान कर रहा है। आपको इस पर विचार करना चाहिए।
ReplyDeleteसही है बिल्कुल..
ReplyDeleteक्या बात हैं काजल जी ...ऐसे ही सच सामने लाते रहोगे क्या ?
ReplyDeleteमतदाता का अपमान है इस कार्टून में. विचार कीजिएगा. इसमें संशोधन होना चाहिए.
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ReplyDeleteहमको गधा समझता है ससुरा,बिलकुल वोट नहीं देंगे,कतई वोट नहीं देंगे
ReplyDeleteहमको गधा समझता है ससुरा,बिलकुल वोट नहीं देंगे,कतई वोट नहीं देंगे
ReplyDeleteगधे को बाप बनाने की कहावत ऐसे चुनावी माहौल को ध्यान में रख कर ही बनायीं गयी होगी.
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