Saturday, February 11, 2012

कार्टून:- एक सीधा-सादा कार्टून ☺


28 (कमेंट करने के लिए राइट क्लिक कर नए पेज में खोलें):

  1. अरे काजल कुमार! क्यो बिचारे शांत और निरुपद्रवी प्राणी को ईन दुष्टो का बाप बनाते हो?

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  2. हम तो उन पर हँस भी नहीं सकते !

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  3. नेता वोटरों को गधा बनाकर बाप बनाते हैं और फिर उल्लू सीधा करते हैं। कितने पशुप्रेमी हैं नेता।

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  4. समय पर पिताजी बना ही लेते हैं.... : )

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  5. हँसते हँसते थक गए ...

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  6. अब तक सुनते थे ये मुहावरा, आज देख लिया!!

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  7. आज तक सुनते आये थे की गरज में गधे को..... आज आपने दिखा दिया बहुत सुधा सादा लेकिन मजेदार .....

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  8. धांसू
    सरजी,,.....उघाड दिया ....

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  9. शुक्र है यहाँ गब्बर नहीं था ।

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    घूम-घूमकर देखिए, अपना चर्चा मंच
    लिंक आपका है यहीं, कोई नहीं प्रपंच।।
    --
    आपकी इस कार्टून की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर की जाएगी!
    सूचनार्थ!

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  11. वक्त वक्त की बात है, बाकी समय तो यही बनाते हैं वोटर को..

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  12. इनको वोट का अधिकार मिल गया है! अब क्रांति होगी झकाझक!

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  13. हाहा...वोट के लिए ये किसके हाथ ना जोड़ें..:)

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  14. यह तो टॆडी-मेडी प्रस्तुति है :)

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  15. Congress 'll continue begging for votes...can quite see Muslims braying...lol...

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  16. नहीं काजल जी आपका यह कार्टून मतदाता का अपमान कर रहा है। आपको इस पर विचार करना चाहिए।

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  17. क्या बात हैं काजल जी ...ऐसे ही सच सामने लाते रहोगे क्या ?

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  18. मतदाता का अपमान है इस कार्टून में. विचार कीजिएगा. इसमें संशोधन होना चाहिए.

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  19. हमको गधा समझता है ससुरा,बिलकुल वोट नहीं देंगे,कतई वोट नहीं देंगे

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  20. हमको गधा समझता है ससुरा,बिलकुल वोट नहीं देंगे,कतई वोट नहीं देंगे

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  21. गधे को बाप बनाने की कहावत ऐसे चुनावी माहौल को ध्यान में रख कर ही बनायीं गयी होगी.

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